उल्लास का शुभारम्भ

मित्रवर,

विभिन्न तरह के दुखों को समझने, सुलझाने और उसके विषय में मार्गदर्शन करने के लिए बहुत सारे ब्लॉग उपलब्ध हैं, किन्तु सुख को बांटने और बढ़ाने के लिए कोई ब्लॉग मुझे अभी तक विशेष रूप से हिंदी भाषा में देखने को नहीं मिला है.

जबकि यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि सुख के अनुभवों को एक दूसरे से बांटने से दूसरों के जीवन में सुख की वृद्धि होने के साथ साथ हमारे जीवन में भी सुख बढ़ता है.

अतएव इसी अभिप्रेरणा से, जिसका वास्तविक उद्गम हमारे माननीय कुलपति महोदय प्रो. गिरीश्वर मिश्र जी के विचार हैं, मैंने यह ब्लॉग मनोविज्ञान विभाग की तरफ से मानविकी एवं सामजिक विज्ञान विद्यापीठ, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के संरक्षण में तैयार किया है.

इस ब्लॉग के सदस्य सुख, स्वतः स्फूर्त आतंरिक अनुभूति (जिससे उनके जीवन में नयापन आया, किसी कार्य विशेष में सफलता मिली, समस्याओं का समाधान मिल पाया) तथा सुख के विषय में नवीनतम मनोवैज्ञानिक तकनीकी (जैसे कि जीवन में प्रेम कैसे बढ़ाएं, परिवारवालों के साथ मिलजुलकर कैसे रहें, निजी जीवन में खुशहाली कैसे लाएं, दया भाव कैसे उपजाएँ, बच्चों में सकारात्मक गुण कैसे विकसाएं आदि ) के विषय में नवीनतम निष्कर्ष और विचार एक दूसरे के साथ बांटेंगे.

इसी उद्देश्य के साथ यह ब्लॉग आप और हम सबके बीच सुख के साझेदारी के लिए समर्पित है.


सोमवार, 27 अक्टूबर 2014

उल्लास की तलाश-एक छोटा प्रयास

मित्रों,

हमारे छोटे-प्रयासों से लोगों के जीवन मे उल्लास आ सकता है वैसे ही जैसे कि एक पक्षी को थोड़े से टुकड़े खिला कर खुशी देने का प्रयास कर रही है. डा. अ‍ॅमित जी को यह चित्र भेजने के लिये धन्यवाद

अरुण

2 टिप्‍पणियां:

  1. जितने दुःख हटायेंगे उतनी खुशियां पायंगे -
    एक बार मेरे किसी करीबी के एंट्रेंस एग्जाम में बड़ी मेहनत के बाद भी वह पास नहीं हो पायी. जिससे उनका आत्मविश्वास चला गया. सभी के समझाने पे वह उसको भूलने की कोशिश की परन्तु वह भूल नहीं पा रही थी. उसके दुखी होने से कोई भी खुश नहीं था परन्तु किसी ने उससे बात करने की कोशिश नहीं की. तब मैंने उससे बात करने की सोची उससे बात करते हुए मुझे पता चला उसे कुछ अन्य समस्या थी . जिसकी वजह से वह परेसान थी. मैंने उसकी बात को सुना और उसे समझाया की सभी समस्या का हल जरुर होता है. उससे बात करने पर उसको पुनः आत्मविश्वास आया और उसके चेहरे पे खुशी दिखाई दी जो दिल से थी .उसको खुश देखकर मुझे भी ख़ुशी का अनुभव हुआ और मेरे अंदर भी एक नया आत्मविश्वास आया. अतः जब भी आपको मौका मिले थोडा समय दूसरो के लिए भी जरुर निकाले जिससे किसी के चेहरे पे ख़ुशी देखकर आपको उससे ज्यादा ख़ुशी का अनुभव होगा ....

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