उल्लास
दुःख बहुत बांटा है हमने, आओ सुख भी कहना सीखें
उल्लास का शुभारम्भ
मित्रवर,
विभिन्न तरह के दुखों को समझने, सुलझाने और उसके विषय में मार्गदर्शन करने के लिए बहुत सारे ब्लॉग उपलब्ध हैं, किन्तु सुख को बांटने और बढ़ाने के लिए कोई ब्लॉग मुझे अभी तक विशेष रूप से हिंदी भाषा में देखने को नहीं मिला है.
जबकि यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि सुख के अनुभवों को एक दूसरे से बांटने से दूसरों के जीवन में सुख की वृद्धि होने के साथ साथ हमारे जीवन में भी सुख बढ़ता है.
अतएव इसी अभिप्रेरणा से, जिसका वास्तविक उद्गम हमारे माननीय कुलपति महोदय प्रो. गिरीश्वर मिश्र जी के विचार हैं, मैंने यह ब्लॉग मनोविज्ञान विभाग की तरफ से मानविकी एवं सामजिक विज्ञान विद्यापीठ, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के संरक्षण में तैयार किया है.
इस ब्लॉग के सदस्य सुख, स्वतः स्फूर्त आतंरिक अनुभूति (जिससे उनके जीवन में नयापन आया, किसी कार्य विशेष में सफलता मिली, समस्याओं का समाधान मिल पाया) तथा सुख के विषय में नवीनतम मनोवैज्ञानिक तकनीकी (जैसे कि जीवन में प्रेम कैसे बढ़ाएं, परिवारवालों के साथ मिलजुलकर कैसे रहें, निजी जीवन में खुशहाली कैसे लाएं, दया भाव कैसे उपजाएँ, बच्चों में सकारात्मक गुण कैसे विकसाएं आदि ) के विषय में नवीनतम निष्कर्ष और विचार एक दूसरे के साथ बांटेंगे.
इसी उद्देश्य के साथ यह ब्लॉग आप और हम सबके बीच सुख के साझेदारी के लिए समर्पित है.
बुधवार, 8 जुलाई 2015
बुधवार, 15 अप्रैल 2015
पाश्चात्य मनोविज्ञान प्राय: हमे सुख बढ़ाना सिखाता है। किन्तु, इसके उलट अपने देश का मनोविज्ञान हमे दुख का भी महत्व समझाता है। तभी तो महर्षि अरविंद दुख को एक हथौड़ा कहते हैं जो कि हमारी गैर जागरूकता को दूर करके चैतन्य भाव का विकास करता है। मन को एक तरह की शांति से युक्त कर देता है।
यानी कि दुख मे भी हम उल्लास की संभावना ढूंढ सकते हैं।
अरुण
शुक्रवार, 16 जनवरी 2015
भारतीय होने का उल्लास
मुख्य अतिथि गुयाना के राष्ट्रपति श्रीमान डोनाल्ड आर. रामअवतार थे जिन्हें इस बार के प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया गया. रामअवतार जी के संबोधन एवं अन्य भारतीय मूल के अप्रवासियों से बात करने पर यह स्पष्ट पता चल रहा था कि वर्तमान सरकार से भारतीयों के साथ-साथ अनिवासी भारतीयों को भी बहुत आशाएं एवं उम्मीदें हैं तथा उससे कहीं अधिक उनकी बातों में भरोसा झलक रहा था कि अब सब कुछ बदलेगा. प्रधानमंत्री के ऊर्जावान संबोधन ने उस भरोसे को और अधिक मजबूत कर दिया. हमें इस बात का गर्व होना चाहिए कि आज से शताब्दियों या उससे अधिक वर्ष पहले जिनके पूर्वज स्वेच्छा से या मजबूरी बस यहाँ से चले गए उनकी जवान पीढियां वापस हिंदुस्तान में अपनी जड़ों को तलाश रही हैं. यहाँ वापस बसना चाहते हैं यहाँ व्यापार करना चाहते है. यहाँ कही बम विस्फोट होता है तो वे रोते हैं, किसी दामिनी या निर्भया की इज्जत लुटती है तो वो शर्मिंदा होते हैं. हमें इस बात का अहंकार है कि हमारे पूर्वजों ने हमें ऐसे संस्कार दिए हैं कि तीन पीढ़ियों के बाद भी लोग यहाँ खिचे चले आते हैं.
मंगलवार, 16 दिसंबर 2014
बचपन का उल्लास
ये तो है प्यारा बचपन.
इसमें है इतना उल्लास,
कि उसमे सिमटता है ये बचपन.
इसकी अभिलासएं अनेकों,
फिर भी ये है कितना न्यारा बचपन.
बचपन कि लीलाओं को देख
कितना उल्लसित होता है ये मन.
मन करता है कि फिर से पा जाएं वो बचपन.
बचपन कि किलकारी एवं आकांक्षाओं से भरता बचपन.
मन चाहे सब कुछ पाना,
क्योंकि सीमित है ये बचपन.
आगे बढ़कर है कुछ पाना.
यही सिखाता है ये बचपन.
ऊर्जा का भंडार लिए
खिलखिलाता है ये बचपन
खिलखिलाता है ये बचपन..
गौरव प्रताप सिंह
विज्ञानं- अध्यापक
हिल ग्रोव कॉल्स अकादमी
कोलिवरा
सुमेरपुर
राजस्थान
शनिवार, 22 नवंबर 2014
हार की जीत का उल्लास
मदद से मिला उल्लास
द्वारा
कमलशिष मोदक, एम.फिल छात्र
बुधवार, 19 नवंबर 2014
आइये जीवन मे अर्थ तलाशें
कल मेरा मन निराश सा था. अपने कार्य की महत्ता को लेकर तीव्र प्रश्न उमड़-घुमड़ रहे थे. किंतु जब मैंने कल ISO Certification से सम्बंधित व्याख्यान, जो की विश्वविद्यालय मे शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर था, से ऐसा लगा कि हमारे अध्यापन के व्यवसाय मे भी कुछ बेहतर करने की सम्भावना मौजूद है तो मन में उल्लास का संचार हुआ. पुनः मै सहज हो पाया.
तो आइये हम जीवन में अर्थ तलाशें और उल्लास को पायें.
आपका साथी,
अरुण
शनिवार, 1 नवंबर 2014
अच्छा सोचें और उल्लास से सराबोर हो जायें
आपका साथी,
अरुण
सोमवार, 27 अक्टूबर 2014
हिंदी में टाइप कैसे करें
मैं यह देख रहा हूं कि आप में से कई लोग हिदी में टाइप नहीं कर पा रहे हैं.
मित्रों,
हिन्दी में अपना सन्देश टाइप करने के लिए निम्न लिंक को कापी करें और सर्च इंजन पर पेस्ट करें:
http://indiatyping.com/index.php/typing-tutor/hindi-typing-indic
इसके खुलने पर पर online hindi typing क्लिक करें और दिए गए बॉक्स में टाइप करना शुरू कर दे
इस पर टाइप करने के बाद cut/copy करके ब्लॉग के पोस्ट पर पेस्ट कर दें.
आपका उल्लास का साथी
अरुण

